मिर्जापुर: सहारनपुर पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल, उनके भाई महमूद अली और चार बेटों पर एक बार फिर बड़ा कानूनी शिकंजा कसा गया है। थाना मिर्जापुर में इन सभी के खिलाफ एससीएसटी एक्ट सहित गंभीर धाराओं में नया मुकदमा दर्ज किया गया है।
खास बात यह है कि इकबाल के बेटों की जमानत 12 अगस्त को मंजूर हो गई थी और 13 अगस्त को दस्तावेज थाने में पेश भी कर दिए गए थे। लेकिन पुलिस ने यहां नया केस दर्ज किया था जिसकी जेल में ही गिरफ्तारी दर्शा दी गई, महमूद अली जो की चित्रकूट की जेल में बंद है तो वहीं हाजी इकबाल बाला दुबई में रहकर अपनी ग्लॉकल यूनिवर्सिटी का नेटवर्क चला रहे हैं। शिकायत मिर्जापुर निवासी सुरेश ने दर्ज कराई है। आरोप के मुताबिक मई 2021 में वह अपने खेत में गेहूं की फसल काट रहा था, तभी हाजी इकबाल, उनका भाई और चारों बेटे वहां पहुंचे। फसल काटने से रोका, जातिसूचक शब्द कहे और मारपीट की, शाम को आरोपियों ने घर पर हमला किया, फायरिंग की, महिलाओं व बच्चों से मारपीट की और जेवर व 5,000 रुपये लूट लिए।
सुरेश का दावा है कि डर के कारण वह सालों से गांव से बाहर रहा था, अब आरोपियों के जेल में होने की जानकारी मिलने पर उसने तहरीर दी, वहीं हाजी इकबाल की पत्नी फरीदा बेगम ने इसे साज़िश बताते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है।उनका कहना है कि यह मामला झूठा है, सिर्फ जमानत के बाद बाहर आने से रोकने के लिए केस दर्ज कराया गया है। जबकि पुलिस का कहना है पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट: नजम मंसूरी