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वर्दी की असली पहचान पद से नहीं, बल्कि कर्तव्य, साहस और कर्मों से बनती है।

सहारनपुर में वर्दी का जुनून, देशसेवा का संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने इंस्पेक्टर सुधीर उज्ज्वल, वर्दी पहनना आसान है, लेकिन वर्दी की गरिमा को अपने कर्मों से ऊंचाई देना हर किसी के बस की बात नहीं, इस बात को सच साबित किया है उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर सुधीर कुमार उज्ज्वल ने- वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक के लिए उनका चयन होना सहारनपुर परिक्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। केंद्रीय गृह मंत्री के अनुमोदन से विशेष अभियान, विवेचना और फोरेंसिक के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले करीब 500 अधिकारियों को इस सम्मान से नवाजा जा रहा है। इसी सूची में सहारनपुर परिक्षेत्र एटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर सुधीर उज्ज्वल ने स्पेशल ऑपरेशन श्रेणी में 358 चयनित अधिकारियों में 24वां स्थान हासिल कर अपनी कार्यक्षमता का परिचय दिया है। इंस्पेक्टर सुधीर उज्ज्वल की पहचान केवल एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि चुनौतियों के बीच परिणाम देने वाले जुझारू पुलिसकर्मी के रूप में बनी है। आतंकवाद से जुड़े मामलों और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियानों में उनकी भूमिका, मेहनत और प्रतिबद्धता चर्चा का विषय रही है। देश की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। उनकी खासियत यह है कि जहां अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई में उनका अंदाज सख्त रहता है। वहीं आम नागरिकों के साथ उनका व्यवहार बेहद सरल, सहज और मिलनसार है।

सहारनपुर में विभिन्न थानों पर तैनाती के दौरान भी उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराध नियंत्रण के लिए काम किया।

यह सम्मान उनकी पहली उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की एक और पहचान है। उनके पिता के आशीर्वाद और संस्कारों को अपनी सफलता की प्रेरणा मानने वाले इंस्पेक्टर सुधीर कुमार उज्ज्वल की इस उपलब्धि पर परिवार, पुलिस महकमे और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। उन्हें बधाई देने वालों की लंबी भीड़ लगी है। इंस्पेक्टर सुधीर उज्ज्वल को मिला यह सम्मान बताता है कि वर्दी की असली पहचान पद से नहीं, बल्कि कर्तव्य, साहस और कर्मों से बनती है।

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